थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को पुष्टि की कि दो साल से अधिक समय से हिंसा झेल रहे मणिपुर में अब आशा और उत्साह की वापसी हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा स्थिति लगातार सुधर रही है और जनता का सरकार व एक-दूसरे पर भरोसा बढ़ रहा है।
नई दिल्ली में चाणक्य रक्षा संवाद के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद हालात में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने संकेत दिया कि सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के चलते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जल्द ही मणिपुर का दौरा कर सकती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सितंबर में राज्य का दौरा कर चुके हैं और मणिपुर को भारत का “रत्न” बताया था।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि मई 2023 की हिंसा ने पूरे राज्य को प्रभावित किया था, जिसकी पीड़ा उन्हें भी है क्योंकि वे मणिपुर में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद लोगों और सरकार के बीच विश्वास तेजी से बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में शिरुई लिली उत्सव और डूरंड कप जैसे आयोजन सफलतापूर्वक हो रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। सुरक्षा बल हिंसक तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं। 2023 में जहां केवल 28 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, वहीं वर्तमान में 88 गिरफ्तारियां दर्ज की गई हैं। इसी तरह 2023 में प्रति माह लगभग 200 टन हथियार-गोलाबारूद जब्त होते थे, जबकि वर्तमान में यह मात्रा बढ़कर 400 टन प्रति माह हो गई है।
चाणक्य रक्षा संवाद भारतीय सेना द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी है, जिसमें भारत और विदेश के नीति-निर्माता, रणनीतिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद, वैज्ञानिक और रक्षा कर्मी देश की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर विमर्श करने के लिए शामिल होते हैं।