पुष्कर ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर विकास पर हितधारकों की बैठक, प्राथमिक चरण के कार्य होंगे शामिल
अजमेर, 24 नवंबर। पुष्कर ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर के विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर सोमवार को जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, जिला कलक्टर लोकबंधु और अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के की अध्यक्षता में हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा के अनुरूप पुष्कर के सर्वांगीण विकास की कार्ययोजना तैयार करने के लिए यह बैठक राजस्थान पर्यटन विकास निगम के गणगौर में आयोजित की गई।
सुरेश सिंह रावत ने कहा कि तीर्थराज पुष्कर के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने प्रथम ही बजट में स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि पुष्कर सतयुगी तीर्थस्थल है, जिसका उल्लेख त्रेतायुग में राम, द्वापर में कृष्ण, पांडवों और अन्य ऐतिहासिक कालखंडों में मिलता है। उन्होंने कहा कि ये विकास कार्य किसी के नुकसान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुविधा के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने राजनीति और दुर्भावना से मुक्त होकर सामूहिक प्रयासों से पुष्कर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई।
ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री की संकल्पना के अनुरूप तीर्थगुरु पुष्कर का विकास देश-विदेश में एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल केवल प्राथमिक और आवश्यक विकास कार्यों पर विचार किया जा रहा है और क्षेत्रवासी अफवाहों पर ध्यान न दें। भविष्य में मार्ग विस्तार अथवा संरचनात्मक बदलाव की आवश्यकता होने पर हितधारकों से पूर्ण चर्चा कर ही निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक में यह आश्वासन दिया गया कि पुष्कर विकास से संबंधित कोई भी निर्णय हितधारकों की सहमति और सुझावों के साथ ही लिया जाएगा तथा विकास कार्यों को लेकर भ्रांतियों से बचने की अपील की गई।
जिला कलक्टर लोकबंधु ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पुष्कर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पुष्कर धार्मिक पर्यटन के साथ एक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उभर रहा है। उन्होंने पर्याप्त वाहन पार्किंग व्यवस्था, शहर में ई-रिक्शा और टेम्पो को प्रमुख परिवहन माध्यम के रूप में स्थापित करने, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और रिंग रोड निर्माण को शहर के भविष्य के लिए आवश्यक बताया।
पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि पुष्कर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ आवश्यक विकास कार्यों का संतुलन जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य इस प्रकार किए जाएं कि पर्यटक यहां अधिक समय तक ठहरें, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिले।
बैठक में हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए। सुझावों के आधार पर प्रथम चरण में अतिआवश्यक कार्यों को शामिल किया जाएगा और दूसरे चरण में सौंदर्यीकरण एवं संरचनात्मक विकास के शेष कार्यों को रखा जाएगा।
हितधारकों द्वारा दिए गए सुझावों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को सुधारा जाना, सार्वजनिक शौचालयों की बेहतर व्यवस्था, नए मेला मैदान का विकास, दो नए प्रवेश द्वार, विश्राम स्थली निर्माण, सीवरेज की चौड़ाई और ढाल में वैज्ञानिक सुधार तथा सीवरेज का पानी सरोवर में नहीं जाने देने के लिए प्रभावी योजना बनाना शामिल रहे।
सुझावों में यह भी कहा गया कि एसटीपी की क्षमता बढ़ाई जाए, सीवरेज सिस्टम को सीधे ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाए, नाला निर्माण को प्राथमिकता दी जाए तथा पंचकुंड की ओर होने वाले सीवरेज ओवरफ्लो का स्थायी समाधान किया जाए। सरोवर में बाहरी कॉलोनियों से गंदा पानी आने पर रोक, जल निकासी व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई गई।
धार्मिक पर्यटन विस्तार के लिए बैकुंठनाथ, श्रीराम बैकुंठनाथ, वराह मंदिर, अटपटेश्वर महादेव और ब्रह्मा मंदिर को एक सर्किट रूप में विकसित करने के सुझाव भी सामने आए। हितधारकों ने स्थाई पार्किंग, उद्यान, बस स्टैंड की सुव्यवस्थित व्यवस्था, साइन बोर्ड स्थापना तथा वर्षा पूर्व एवं पश्चात नालों की नियमित सफाई की मांग की। शहर में सुचारु यातायात के लिए रिंग रोड निर्माण और आवश्यकतानुसार सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी दिया गया।
इस अवसर पर अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के, उपखंड अधिकारी गुरुप्रसाद तंवर, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक कृष्ण कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में हितधारक मौजूद रहे।
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