कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच बढ़ते सत्ता संघर्ष को थामने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक बुलाई है। खड़गे ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का निर्णय सामूहिक परामर्श के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में राहुल गांधी, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार भी शामिल होंगे और सभी से चर्चा के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।
खड़गे ने कहा कि ‘हाईकमान’ का मतलब एक टीम है, और यह टीम सामूहिक रूप से अंतिम फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया गया है और सभी की राय लेने के बाद ही निर्णय होगा।
वहीं, डीके शिवकुमार ने सत्ता संघर्ष की अटकलों के बीच सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट कर कहा कि अपनी बात पर अडिग रहना ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा मीडिया में नहीं, बल्कि आंतरिक रूप से की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्थिति को “खुला संघर्ष” बताया और आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार का प्रशासन ध्वस्त हो गया है। जोशी ने कहा कि मंत्री प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के बजाय नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं में उलझे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि हर कोई खुले तौर पर मुख्यमंत्री पद के लिए लड़ रहा है और यह भी कहा कि राहुल गांधी और खड़गे स्वयं कह रहे हैं कि अंतिम निर्णय आलाकमान करेगा।
कर्नाटक सरकार ने हाल ही में अपने कार्यकाल का आधा सफर पूरा किया है, जिससे नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच संभावित सत्ता संतुलन को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ रही है।