राम मंदिर पर पाकिस्तान की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत का पलटवार, कहा—भारत के आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने पाकिस्तान द्वारा राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह पर की गई टिप्पणी को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया और कहा कि पाकिस्तान को अपनी सीमा में रहना चाहिए। राजपूत ने गुरुवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी भारतीय देश के आंतरिक मामलों में दखल को स्वीकार नहीं करेगा।
राजपूत ने अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान खुद विभाजन की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में मजबूत लोकतंत्र और संविधान है, जबकि पाकिस्तान में हर 8-10 साल में संविधान बदल जाता है। राजपूत ने एएनआई से कहा कि पाकिस्तान भारत के मामलों पर टिप्पणी कर अपनी मौत को न्योता दे रहा है, और भारत अपने मुद्दे खुद सुलझाने में सक्षम है।
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह की आलोचना की थी और भारत की न्यायिक प्रक्रिया को अल्पसंख्यकों के प्रति भेदभावपूर्ण बताया था। मंत्रालय ने भारत से मुसलमानों सहित सभी धार्मिक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों के अनुरूप पूजा स्थलों की रक्षा करने की मांग की थी।
भारत ने पाकिस्तान की टिप्पणी को कड़े शब्दों में खारिज किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का अपने अल्पसंख्यकों के प्रति दमन और व्यवस्थित दुर्व्यवहार का दागदार रिकॉर्ड है, इसलिए उसे दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पाखंडी उपदेश देने के बजाय अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान केंद्रित करे।
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