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धर्म परिवर्तन वालों के निशाने पर घुमंतू समाज, हमें इन्हें आत्मनिर्भर बनाना है : दुर्गादास हजारों तालों की चाबी है शिक्षा : भागीरथ चौधरी घुमंतू जातियों के उत्थान के लिए कार्य करना हमारा कर्तव्य : भागीरथ चौधरी धन, चरित्र और योग्यता है तो प्रमाणित करें : संत शंभू नाथ रावल

:: Editor - Omprakash Najwani :: 21-Nov-2025
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मदनगंज-किशनगढ़। सरदार भगत सिंह ने स्वतंत्रता के लिए यदि अपना बलिदान दिया, वल्लभभाई पटेल ने आजादी के लिए अगर कोई अपराध किया और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सहयोग करके यदि अपराध किया तो वही अपराध भारत के घुमंतू समाज ने भी किया और अगर यह अपराध है तो यह सब अपराधी हैं। किंतु यदि यह अपराध नहीं है तो घुमंतू समाज को अपराधी के रूप में जीने के लिए मजबूर करने वाले अंग्रेज अपराधी हैं, जिन्होंने उन्हें अपराधी घोषित करने वाला कानून बनाया। यह बात वार्षिकोत्सव में अखिल भारतीय घुमंतू कार्य प्रमुख दुर्गादास ने कही।

दुर्गादास ने शुक्रवार को रूपसिंह महाराज घुमंतू छात्रावास किशनगढ़ के वार्षिकोत्सव में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि यदि घुमंतू समाज के पूर्वजों ने स्वतंत्रता की लड़ाई नहीं लड़ी होती तो उन्हें अपराधी घोषित नहीं किया जाता। इन्होंने देश प्रेम का धर्म निभाया और हम इनके लिए जो कर रहे हैं वह उनके योगदान का ऋण चुकाने का प्रयास मात्र है। उन्होंने कहा कि घुमंतू समाज के बच्चों को शिक्षा, संस्कार और रोजगार देने से ही वे मुख्यधारा में शामिल होकर देश की उन्नति में योगदान दे पाएंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि शिक्षा हजारों तालों की चाबी है और हमारा कर्तव्य है कि हम घुमंतू जातियों के उत्थान के लिए कार्य करें तथा उन्हें अपने गौरव और इतिहास का बोध कराकर एक सूत्र में बांधें।

संत शंभू नाथ रावल ने कहा कि यदि आपके पास धन, चरित्र और योग्यता है तो उसे प्रमाणित कीजिए और जो भी आपकी सिद्धि है उसे सिद्ध कीजिए। ईश्वर द्वारा दिए शरीर और बुद्धि का उपयोग जगत के कल्याण में कीजिए।

कार्यक्रम में आर.के. मार्बल ग्रुप के चेयरमैन अशोक पाटनी, नगर परिषद सभापति दिनेश सिंह राठौड़, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अजयमेरु विभाग के संघ चालक मुकेश अग्रवाल, चित्तौड़ प्रांत के घुमंतू कार्य संयोजक प्रभुलाल कालबेलिया, महावीर प्रसाद शर्मा अतिथि के रूप में मौजूद थे।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन से हुई। हिंगलाज माता शक्तिपीठ के संत शंभू नाथ रावल के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में घुमंतू समाज के बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। राजस्थानी संस्कृति से जुड़े गीत ‘ऊंट गाडो’, ‘सबसे प्यारो मारो राजस्थान’, ‘चंदन है इस देश की माटी’, ‘मारा हरिया रे’, ‘अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो’ आदि प्रस्तुत किए। योग, नियुद्ध, आसन और पिरामिड बनाकर बच्चों ने सभी को अचंभित कर दिया।

अतिथियों ने विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए। मंच संचालन दीपक जौहरी और बिरदी चंद मालाकार ने किया। सेवा भारती के जिला अध्यक्ष गिरधर पुरोहित ने स्वागत और रूपनाथ महाराज घुमंतू समाज छात्रावास समिति के अध्यक्ष राम अवतार अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। विभिन्न स्थानों से आए घुमंतू समाज के बंधु, छात्रावास के विद्यार्थी, अभिभावक, नगर के गणमान्य लोग, भामाशाह और मातृशक्ति उपस्थित रहे।


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