Trending News

गुरूपूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, राजगढ़ धाम में पचास हजार श्रद्धालुओं ने किया गुरूपूजन

:: Editor : Omprakash Najwani :: 12-Jul-2025
:

राजगढ़। ग्राम राजगढ़ स्थित मसाणिया भैरव धाम पर गुरुवार 10 जुलाई को गुरूपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम व आस्था के साथ मनाया गया। बाबा भैरव व माँ कालिका के जयकारों से गूंजते मंदिर परिसर में ‘सेन रत्न’ चम्पालाल महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गुरू पूजन किया और वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पावन अवसर पर पचास हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर सर्व धर्म मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की परिक्रमा की और अद्भुत चमत्कारी चिमटी प्राप्त की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चम्पालाल महाराज को गुरूपूर्णिमा पर शुभकामना पत्र भेजा जिसे केन्द्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग गिरिश बच्चानी की उपस्थिति में भेंट किया गया। 


देवनानी ने पत्र का वाचन भी किया। इस दौरान चम्पालाल महाराज के श्रीचरणों में पुष्प अर्पण कर माल्यार्पण के साथ गुरूपूजन भी किया गया।नाथूलाल सोलंकी व टीम द्वारा नगाड़ों की गूंज और भजन गायिका ज्योति सेनी की प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे। महाराज ने प्रवचन में कहा कि “सच्चा सद्गुरू वही है जो अंधकार मिटाकर उजाले की ओर ले जाए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि धाम पर कोई दान, चढ़ावा, पूजा सामग्री आदि स्वीकार नहीं की जाती। गुरूपूर्णिमा पर नशा मुक्ति रैली भी निकाली गई जिसमें श्रद्धालुओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। धाम पर व्यवस्था की कमान नसीराबाद पुलिस उपाधीक्षक जरनैल सिंह व कार्यपालक मजिस्ट्रेट ममता यादव के नेतृत्व में संभाली गई, जिसमें सदर थाना प्रभारी अशोक बिशु व चौकी प्रभारी हरी राठी सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा, “जो कुछ भी हूँ, वह राजगढ़ धाम की कृपा से हूँ।” देवनानी ने भी धाम से 23 वर्षों के जुड़ाव को भावुकता से साझा करते हुए भैरव बाबा की कृपा को जीवन की दिशा बताई। कार्यक्रम में मानसिंह रावत, रजी जाफरी, प्रेम सिंह गौड, विजय सिंह गौड, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, दिलीप राठी, विपुल सैनी सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। व्यवस्थाओं में ओमप्रकाश सेन, रमेश सेन, अविनाश सेन, कैलाश सेन, कपिल सेन, मुकेश सेन सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सराहनीय भूमिका निभाई। गुरूपूर्णिमा महोत्सव का समापन 1100 दीपों से की गई महाआरती के साथ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने गुरूचरणों में दीप अर्पित कर आध्यात्मिक ऊर्जा से स्वयं को आलोकित किया।


( Connecting with social media platform )
Facebook | Youtube   |
( पर फ़ॉलो भी कर सकते है )

Latest News